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राजस्थान में मंदिर


१. सोरसन (बारां) का ब्रह्माणी माता का मंदिर- यहाँ देवी की पीठ का श्रृंगार होता है. पीठ की ही पूजा होती है !

२. चाकसू(जयपुर) का शीतला माता का मंदिर- खंडित मूर्ती की पूजा समान्यतया नहीं होती है, पर शीतला माता(चेचक की देवी) की पूजा खंडित रूप में होती है !

३. बीकानेर का हेराम्ब का मंदिर- आपने गणेश जी को चूहों की सवारी करते देखा होगा पर यहाँ वे सिंह की सवारी करते हैं !

४. रणथम्भोर( सवाई माधोपुर) का गणेश मंदिर- शिवजी के तीसरे नेत्र से तो हम परिचित हैं लेकिन यहाँ गणेश जी त्रिनेत्र हैं ! उनकी भी तीसरी आँख है.

५. चांदखेडी (झालावाड) का जैन मंदिर- मंदिर भी कभी नकली होता है ? यहाँ प्रथम तल पर महावीर भगवान् का नकली मंदिर है, जिसमें दुश्मनों के डर से प्राण प्रतिष्ठा नहीं की गई. असली मंदिर जमीन के भीतर है !

६. रणकपुर का जैन मंदिर- इस मंदिर के 1444 खम्भों की कारीगरी शानदार है. कमाल यह है कि किसी भी खम्भे पर किया गया काम अन्य खम्भे के काम से नहीं मिलता ! और दूसरा कमाल यह कि इतने खम्भों के जंगल में भी आप कहीं से भी ऋषभ देव जी के दर्शन कर सकते हैं, कोई खम्भा बीच में नहीं आएगा.

७. गोगामेडी( हनुमानगढ़) का गोगाजी का मंदिर- यहाँ के पुजारी मुस्लिम हैं ! कमाल है कि उनको अभी तक काफिर नहीं कहा गया और न ही फतवा जारी हुआ है !

८. नाथद्वारा का श्रीनाथ जी का मंदिर - चौंक जायेंगे. श्रीनाथ जी का श्रृंगार जो विख्यात है, कौन करता है ? एक मुस्लिम परिवार करता है ! पीढ़ियों से. कहते हैं कि इनके पूर्वज श्रीनाथजी की मूर्ति के साथ ही आये थे.

९. मेड़ता का चारभुजा मंदिर - सदियों से सुबह का पहला भोग यहाँ के एक मोची परिवार का लगता है ! ऊंच नीच क्या होती है ?

१०. डूंगरपुर का देव सोमनाथ मंदिर- बाहरवीं शताब्दी के इस अद्भुत मंदिर में पत्थरों को जोड़ने के लिए सीमेंट या गारे का उपयोग नहीं किया गया है ! केवल पत्थर को पत्थर में फंसाया गया है.

११. बिलाडा(जोधपुर) की आईजी की दरगाह - नहीं जनाब, यह दरगाह नहीं है ! यह आईजी का मंदिर है, जो बाबा रामदेव की शिष्या थीं और सीरवियों की कुलदेवी हैं.

राजस्थान सामान्य ज्ञान

1.जयपुर को नौ वगों के सिद्धांत पर बसाने वाला महान शिल्पकार कौन था
विद्याधर
2.सवाई जयसिंह के कल्पनानुसार जयपुर शहर की नींव रखी गई
राजगुरु पंडित जगन्नाथ सम्राट द्वारा
3.पत्थर की जाली एवं कटाई के कारण संसार की प्रसिद्ध हवेली
पटवों की हवेली (जैसलमेर)
4.डीग के महल (भारतीय एवं इस्लामी कला का समन्वय) स्थित है
डीग (भरतपुर) में
5.रानी की बावड़ी, संठ की बावड़ी तथा हाड़ी रानी का कुण्ड स्थित है
टोडारायसिंह में
6. ‘सभी किलों का सिरमौर’ कहा जाता है
चित्तौड़गढ़ दुर्ग
7. किलो अलखणो यू कहे, आव कला राठौड़। मो सिर उतरे मोहणो, तो सिर बंधै मौड़।। यह लोक प्रसिद्ध दोहा किस दुर्ग से संबंधित है?
सिवाणा दुर्ग
8. अजमेर का तारागढ़ किला इस नाम से जाना जाता है
गढ़बीठली
9. तारागढ़ का निर्माण किसने करवाया था?
चौहान शासक अजयपाल ने
10. 1452 ई. के लगभग राणा कुंभा द्वारा परमार शासकों द्वारा निर्मित आबू के पुराने किले के भग्नावशेषों पर किस दुर्ग का निर्माण करवाया गया?
अचलगढ़
11. जोधपुर के संस्थापक राव जोधा ने विक्रम संवत 1515 (1458 ई.) में जिस दुर्ग का निर्माण करवाया वह है
मेहरानगढ़ (जोधपुर)
12. चिडि़या टुक​ पहाड़ी पर स्थित मेहरानगड़ का एक नाम यह भी है
मयूरध्वज गढ़
13. ‘भगनो विद्युत मंडलाकुति गढ़ी जित्वा समस्तना रीन।’ यह उक्ति जिस दुर्ग के संबंध में कही गई है
मेवाड़ का मांडलगढ़
14. यहां का जगतशिरोमणी मंदिर हिंदु स्थापत्य कलाकी अनुपम कृति है
आमेर (जयपुर)
15. एशिया की सबसे बड़ी जयबाण तोप यहां है
जयगढ़ (जयपुर)
16. सवाई जयसिंह ने मराठों के विरूद्ध सुरक्षा के लिए कौनसा दुर्ग बनवाया था
नाहरगढ़ (सुदर्शनगढ़) आमेर
17. गागरौण का सुप्रसिद्ध दुर्ग स्थित है
झालावाड़ में
18. 1155 ई. में रावल जैसल द्वारा स्थापित जैसलमेर का प्रसिद्ध दुर्ग है
सोनारगढ़ या सेनगढ़
19. सोनगढ़ किस कोटी का दुर्ग है
धान्वन कोटी का
20. भाटियों की वीरता का साक्षी भटनेर का प्राचीन दुर्ग स्थित है
हनुमानगढ़
21. लाल पत्थरों से निर्मित बीकानेर स्थित दुर्ग
जुनागढ़
22. 1733 ई. में महाराजा सुरजमल द्वारा निर्मित भूमि दुर्ग है
लोहागढ़ (भरतपुर)

राजस्थान के प्रमुख दर्शनीय स्थल

1. हवामहल - जयपुर

2. जंतर मंतर - जयपुर

3. गलता जी - जयपुर

4. जसवंत थड़ा - जोधपुर

5. पटवों की हवेली - जैसलमेर

6. सालिम सिंह की हवेली - जैसलमेर

7. रामगढ़ की हवेलियां - जैसलमेर

8. नथमल की हवेली - जैसलमेर

9. चौरासी खंभों की छतरी - बूँदी

10. रानी जी की बावड़ी - बूँदी

12. क्षार बाग की छतरियाँ - बूँदी

13. स्वर्ण या सुनहरी कोठी - टौंक

14. विजय स्तम्भ - चित्तौड़

15. कीर्ति स्तम्भ - चित्तौड़

16. सूर्य मंदिर - झालावाड़

17. ढाई दिन का झोंपड़ा - अजमेर

18. जल महल - जयपुर, डीग व उदयपुर

19. अरथूना के प्राचीन मंदिर - बाँसवाड़ा

20. भांडासर जैन मंदिर - बीकानेर

21. गैप सागर - डूंगरपुर

22. बिड़ला तारामंडल - जयपुर

23. कोलवी की गुफाएँ - झालावाड़

24. उम्मेद भवन - जोधपुर

25. मंडोर - जोधपुर

26. भंड देवरा मंदिर - कोटा

27. सज्जनगढ़ - उदयपुर

28. आहड़ संग्रहालय - उदयपुर

29. हर्ष मंदिर - सीकर

30. द्वारकाधीश मंदिर - कांकरोली राजसमंद

31. आभानेरी मंदिर - दौसा

32. सच्चिया माता मंदिर - ओसियां जोधपुर

33. रानी पद्मनी महल - चित्तौड़गढ़

34. सहेलियों की बाड़ी - उदयपुर

35. कुंभलगढ़ - केलवाड़ा राजसमंद

36. ब्रह्मा मंदिर - पुष्कर

37. देव सोमनाथ मंदिर- डूंगरपुर

38. फखरुद्दीन की दरगाह - गलियाकोट, डूंगरपुर

39. आमेर किला - आमेर, जयपुर

40. रणकपुर जैन मंदिर - सादड़ी, पाली

41. सांवलिया जी मंदिर - मंडफिया, चित्तौड़गढ़

42. सास-बहू के प्राचीन मंदिर ( प्राचीन नागदा राज्य के मंदिर) -
कैलाशपुरी, उदयपुर

43. जगत के प्राचीन मंदिर - जगत गाँव उदयपुर

44. श्रीनाथजी मंदिर - नाथद्वारा, राजसमंद

45. मीरा बाई का मंदिर - मेड़तासिटी, नागौर

46. बाबा रामदेव मंदिर - पोकरण के पास रामदेवरा, जैसलमेर

47. नाकोड़ा पार्श्वनाथ मंदिर - बालोत्तरा के पास, जिला बाड़मेर

48. दिलवाड़ा जैन मंदिर - माउंट आबू

49. सालासर बालाजी - सालासर, चुरू

50. खाटू श्यामजी - खाटू गाँव सीकर

51. सोनीजी की नसियाँ- अजमेर